श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  2.6.136 
অপূর্ব দেখিযা সবে হৈলা বিহ্বল
’হরি, হরি’ বলি’ সবে করে কোলাহল
अपूर्व देखिया सबे हैला विह्वल
’हरि, हरि’ बलि’ सबे करे कोलाहल
 
 
अनुवाद
उस अद्भुत दृश्य को देखकर सभी लोग अभिभूत हो गए और “हरि! हरि!” का जाप करने लगे।
 
Seeing that wonderful scene, everyone was overwhelmed and started chanting “Hari! Hari!”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)