vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन
»
श्लोक 134
श्लोक
2.6.134
সর্ব-ভুত অন্তর্যামী শ্রী-গৌরাঙ্গ-রায
চরণ-তুলিযা দিলা অদ্বৈত-মাথায
सर्व-भुत अन्तर्यामी श्री-गौराङ्ग-राय
चरण-तुलिया दिला अद्वैत-माथाय
अनुवाद
समस्त जीवों के परमात्मा श्री गौरांग राय ने अद्वैत के मस्तक पर अपने चरणकमल रखे।
Sri Gauranga Rai, the Supreme God of all living beings, placed his lotus feet on the head of Advaita.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×