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श्लोक 2.6.132  |
কোটি বৃহস্পতি জিনি’ অদ্বৈতের বুদ্ধি
ভাল-মতে জানে সেই চৈতন্যের শুদ্ধি |
कोटि बृहस्पति जिनि’ अद्वैतेर बुद्धि
भाल-मते जाने सेइ चैतन्येर शुद्धि |
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| अनुवाद |
| अद्वैत की बुद्धि करोड़ों बृहस्पतिओं से भी बढ़कर है। वह भगवान चैतन्य की महिमामयी स्थिति को भली-भाँति जानता है। |
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| The wisdom of Advaita is greater than that of millions of Jupiters. He knows the glorious state of Lord Chaitanya very well. |
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