श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  2.6.126 
সঙ্কীর্তন-আরম্ভে তোমার অবতার
অনন্ত ব্রহ্মাণ্ডে তোমা বৈ নাহি আর
सङ्कीर्तन-आरम्भे तोमार अवतार
अनन्त ब्रह्माण्डे तोमा बै नाहि आर
 
 
अनुवाद
आप संकीर्तन आंदोलन का शुभारंभ करने के लिए अवतरित हुए हैं। अनंत ब्रह्मांडों में आपके अलावा कुछ भी नहीं है।
 
You have appeared to launch the sankirtana movement. There is nothing in the infinite universes except you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)