करिया चरण-पूजाषोडशोपचारे
आर-बार दिला माल्य-वस्त्र-अलङ्कारे
अनुवाद
सोलह सामग्रियों से भगवान के चरणों की पूजा करने के बाद, उन्होंने फूल माला, वस्त्र और आभूषण अर्पित किए।
After worshipping the Lord's feet with sixteen materials, he offered flower garlands, clothes and ornaments.
तात्पर्य
हरि-भक्ति-विलास (11.46, 49) के अनुसार, षोडशोपचार या पूजा की सोलह सामग्री इस प्रकार हैं: आसन (या बैठक की जगह), स्वागत (आगमन पर स्वागत), अर्थ्य (हाथों को अर्पित की जाने वाली सामग्री), पाद्य (पैर धोने का जल), आचमनीय (मुख धोने का जल), मधुपर्क (स्नान से पहले अर्पित की जाने वाली सामग्री), आचमन (हाथ और मुख धोने का जल), स्नान (स्नान), वसन (वस्त्र), आभरण (आभूषण), सुगंध (चंदन का लेप), पुष्प (फूल), धूप (अगरबत्ती), दीप (दीपक), नैवेद्य (अन्न), और वंदना (प्रार्थना)। दूसरों के अनुसार, सोलह सामग्री इस प्रकार हैं: आसन (या बैठक की जगह), आवाहन (आमंत्रण), पाद्य (पैर धोने का जल), अर्घ्य (हाथों को अर्पित की जाने वाली सामग्री), आचमनीय (मुख धोने का जल), स्नान (स्नान), वसन (वस्त्र), भूषण (आभूषण), गंध (चंदन का लेप), पुष्प (फूल), धूप (अगरबत्ती), दीप (दीपक), नैवेद्य (अन्न), पुष्पांजलि (पुष्पार्पण), प्रदक्षिणा (परिक्रमा), नमस्कार (प्रणाम), और विसर्जन (विसर्जन)।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥