श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 104
 
 
श्लोक  2.6.104 
বলিতে বলিতে প্রেমে ভাসেন আচার্য
প্রভু বলে,—“আমার পূজার কর কার্য”
बलिते बलिते प्रेमे भासेन आचार्य
प्रभु बले,—“आमार पूजार कर कार्य”
 
 
अनुवाद
ऐसा कहते हुए अद्वैत आचार्य भगवान के प्रेम के आनंद में डूब गए। तब भगवान ने कहा, "अब मेरी पूजा की व्यवस्था करो।"
 
Having said this, Advaita Acharya was immersed in the bliss of love for the Lord. Then the Lord said, "Now arrange for my worship."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)