vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन
»
श्लोक 103
श्लोक
2.6.103
মোর কিছু শক্তি নাহি তোমার করুণা
তোমা বৈ জীব উদ্ধারিব কোন্ জনা”
मोर किछु शक्ति नाहि तोमार करुणा
तोमा बै जीव उद्धारिब कोन् जना”
अनुवाद
"आपकी अहैतुकी कृपा के अतिरिक्त मेरा कोई बल नहीं है। आपके अतिरिक्त जीवों का उद्धार कौन कर सकता है?"
"I have no strength except your causeless mercy. Who can save the living beings except you?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×