श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.6.10 
“চলহ রামাই তুমি অদ্বৈতের বাস
তাঙ্র স্থানে কহ গিযা আমার প্রকাশ
“चलह रामाइ तुमि अद्वैतेर वास
ताङ्र स्थाने कह गिया आमार प्रकाश
 
 
अनुवाद
“रामाई, अद्वैत के घर जाओ और उसे बताओ कि मैं प्रकट हुआ हूँ।
 
“Ramai, go to Advaita's house and tell him that I have appeared.
तात्पर्य
रामाई, श्रीवास के सबसे छोटे भाई हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)