श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.5.9 
কালি হৈবে পৌর্ণমাসী ব্যাসের পূজন
আপনে বুঝিযা বল, যারে লয মন”
कालि हैबे पौर्णमासी व्यासेर पूजन
आपने बुझिया बल, यारे लय मन”
 
 
अनुवाद
“कल पूर्णिमा है जिस दिन व्यास जी की पूजा की जाएगी, इसलिए विचार करें और हमें बताएं कि क्या करना है।”
 
“Tomorrow is the full moon day on which Vyas ji will be worshipped, so please think and tell us what to do.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)