श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  2.5.80 
শ্রীবাস পণ্ডিত ব্যাস-পূজার আচার্য
চৈতন্যের আজ্ঞায করেন সর্ব-কার্য
श्रीवास पण्डित व्यास-पूजार आचार्य
चैतन्येर आज्ञाय करेन सर्व-कार्य
 
 
अनुवाद
श्रीवास पंडित को प्रधान पुरोहित नियुक्त किया गया। भगवान चैतन्य के निर्देश पर, उन्होंने सभी औपचारिकताएँ पूरी कीं।
 
Srivasa Pandita was appointed the head priest. At Lord Chaitanya's direction, he completed all the formalities.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)