श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  2.5.78 
শুনিযা প্রভুর বাক্য উঠিলা তখনে
স্নান করি’ গৃহে আইলেন প্রভু-সনে
शुनिया प्रभुर वाक्य उठिला तखने
स्नान करि’ गृहे आइलेन प्रभु-सने
 
 
अनुवाद
भगवान के वचन सुनकर नित्यानन्द ने स्नान पूरा किया और भगवान के साथ श्रीवास के घर लौट आये।
 
Hearing the words of the Lord, Nityananda completed his bath and returned to Srivasa's house with the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)