श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  2.5.75 
কুম্ভীর দেখিযা তারে ধরিবারে যায
গদাধর শ্রীনিবাস করে ’হায হায’
कुम्भीर देखिया तारे धरिबारे याय
गदाधर श्रीनिवास करे ’हाय हाय’
 
 
अनुवाद
जब नित्यानंद ने एक मगरमच्छ देखा, तो उन्होंने उसे पकड़ने का प्रयास किया। गदाधर और श्रीनिवास चिल्ला उठे, "हाय, हाय!"
 
When Nityananda saw a crocodile, he tried to catch it. Gadadhara and Srinivasa cried out, "Alas, alas!"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)