vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन
»
श्लोक 71
श्लोक
2.5.71
রামাইর মুখে শুনি’ আইলাঠাকুর
বাহ্য নাহি, নিত্যানন্দ হাসেন প্রচুর
रामाइर मुखे शुनि’ आइलाठाकुर
बाह्य नाहि, नित्यानन्द हासेन प्रचुर
अनुवाद
रमाई द्वारा सूचित किये जाने पर भगवान वहाँ आये और नित्यानंद को खूब हँसते हुए पाया।
Being informed by Ramai, the Lord came there and found Nityananda laughing heartily.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×