श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  2.5.70 
পণ্ডিতের স্থানে কহিলেন তত-ক্ষণে
শ্রীবাস বলেন,—“যাও ঠাকুরের স্থানে”
पण्डितेर स्थाने कहिलेन तत-क्षणे
श्रीवास बलेन,—“याओ ठाकुरेर स्थाने”
 
 
अनुवाद
उन्होंने तुरन्त श्रीवास पंडित को इसकी सूचना दी, जिन्होंने उनसे कहा, “जाओ और भगवान को सूचित करो।”
 
He immediately informed Srivasa Pandita, who told him, “Go and inform the Lord.”
तात्पर्य
अर्थ है श्री गौरसुंदर के लिए
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)