श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.5.7 
দেখিযা আনন্দ মহাপ্রভু বিশ্বম্ভর
নিত্যানন্দ-প্রতি কিছু করিলা উত্তর
देखिया आनन्द महाप्रभु विश्वम्भर
नित्यानन्द-प्रति किछु करिला उत्तर
 
 
अनुवाद
जब महाप्रभु विश्वम्भर ने यह आनन्दमय दृश्य देखा, तो उन्होंने नित्यानंद से कुछ कहा।
 
When Mahaprabhu Visvambhara saw this blissful scene, he said something to Nityananda.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)