श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  2.5.69 
প্রভাতে উঠিযা দেখে রামাই পণ্ডিত
ভাঙ্গা দণ্ড-কমণ্ডলু দেখিযা বিস্মিত
प्रभाते उठिया देखे रामाइ पण्डित
भाङ्गा दण्ड-कमण्डलु देखिया विस्मित
 
 
अनुवाद
अगली सुबह जब रामाई पंडित उठे तो टूटे हुए दण्ड और कामण्डलु को देखकर आश्चर्यचकित हो गए।
 
The next morning when Ramai Pandit woke up, he was surprised to see the broken staff and kamandalu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)