श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  2.5.63 
চঞ্চল হৈলা নিত্যানন্দ মহাধীর
আপনে ধরিযা প্রভু করিলেন স্থির
चञ्चल हैला नित्यानन्द महाधीर
आपने धरिया प्रभु करिलेन स्थिर
 
 
अनुवाद
परम गम्भीर नित्यानंद बेचैन हो गये, परन्तु भगवान ने स्वयं उन्हें शान्त किया।
 
The extremely serious Nityananda became restless, but the Lord himself calmed him down.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)