श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  2.5.59 
হাসে সর্ব-ভক্ত-গণ প্রভুর কথায
নিত্যানন্দ-মহাপ্রভু গডাগডি যায
हासे सर्व-भक्त-गण प्रभुर कथाय
नित्यानन्द-महाप्रभु गडागडि याय
 
 
अनुवाद
भगवान के वचन सुनकर सभी भक्त मुस्कुरा उठे। फिर नित्यानंद और महाप्रभु ज़मीन पर लोटने लगे।
 
Hearing the Lord's words, all the devotees smiled. Then Nityananda and Mahaprabhu began rolling on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)