श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  2.5.56 
শুনিযা আনন্দে ভাসে সর্ব-ভক্ত-গণ
ক্ষণেকে সুস্থির হৈলাশ্রী-শচীনন্দন
शुनिया आनन्दे भासे सर्व-भक्त-गण
क्षणेके सुस्थिर हैलाश्री-शचीनन्दन
 
 
अनुवाद
भगवान की बात सुनकर सभी भक्त आनंद में डूब गए। थोड़ी देर बाद श्रीशचीनन्दन शांत हो गए।
 
Hearing the Lord's words, all the devotees were filled with joy. After a while, Sri Sachinandan calmed down.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)