श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  2.5.50 
সবে বলিলেন,—“প্রভু, ’নাডা বল কারে?”
প্রভু বলে,—“আইলুঙ্ মুঞি যাহার হুঙ্কারে
सबे बलिलेन,—“प्रभु, ’नाडा बल कारे?”
प्रभु बले,—“आइलुङ् मुञि याहार हुङ्कारे
 
 
अनुवाद
सभी ने पूछा, "हे प्रभु, यह नाडा कौन है जिसे आप पुकार रहे हैं?" भगवान ने उत्तर दिया, "वह जिसकी ऊँची पुकार सुनकर मैं आया हूँ।
 
Everyone asked, "O Lord, who is this Nada whom you are calling?" The Lord replied, "He whose loud call I have heard and have come.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)