सभी ओर के भक्त बलराम की स्तुति में प्रार्थना कर रहे थे और भगवान लगातार “नादा, नादा, नादा” पुकार रहे थे।
Devotees all around were praying in praise of Balarama and the Lord was continuously calling out “Nada, Nada, Nada”.
तात्पर्य
वाक्यांश 'राम-स्तुति' का अर्थ बलराम की स्तुति में की जाने वाली प्रार्थनाएँ हैं। 'नाड़ा' शब्द की व्याख्या हेतु माध्य-खंड, अध्याय दो, श्लोक 264 में दी गई शब्दार्थ व्याख्या देखें।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥