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श्लोक 2.5.47  |
সর্ব-গণে দেই জল, প্রভু করে পান
সত্য যেন কাদম্বরী পিযে, হেন জ্ঞান |
सर्व-गणे देइ जल, प्रभु करे पान
सत्य येन कादम्बरी पिये, हेन ज्ञान |
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| अनुवाद |
| सभी भक्तों ने जल अर्पित किया और भगवान ने जल पिया। ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं भगवान बलराम जल पी रहे हों। |
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| All the devotees offered water, and the Lord drank it. It appeared as if Lord Balarama himself was drinking the water. |
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