श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  2.5.43 
এ বড নিগূঢ কথা কেহ মাত্র জানে
নিত্যানন্দ ব্যক্ত সেই সর্ব-জন-স্থানে
ए बड निगूढ कथा केह मात्र जाने
नित्यानन्द व्यक्त सेइ सर्व-जन-स्थाने
 
 
अनुवाद
यह विषय अत्यन्त गोपनीय है तथा केवल उन्हीं लोगों को ज्ञात है जो नित्यानंद की महिमा को जानते हैं।
 
This matter is very confidential and is known only to those who know the glory of Nityananda.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)