vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन
»
श्लोक 4
श्लोक
2.5.4
হেন-মতে নিত্যানন্দ-সঙ্গে কুতূহলে
কৃষ্ণ-কথা-রসে সবে হৈলা বিহ্বলে
हेन-मते नित्यानन्द-सङ्गे कुतूहले
कृष्ण-कथा-रसे सबे हैला विह्वले
अनुवाद
इस प्रकार नित्यानन्द की संगति में कृष्ण विषयक चर्चा करते हुए सभी भक्तगण भावविभोर हो गए।
In this way, all the devotees became emotional while discussing about Krishna in the company of Nityananda.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×