श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.5.39 
নিত্যানন্দ-প্রতি বলে শ্রী-গৌরসুন্দর
ঝাট দেহ’ মোরে হল-মুষল সত্বর
नित्यानन्द-प्रति बले श्री-गौरसुन्दर
झाट देह’ मोरे हल-मुषल सत्वर
 
 
अनुवाद
श्री गौरसुन्दर ने नित्यानंद से कहा, “शीघ्र मुझे अपना हल और गदा दे दो।”
 
Sri Gaurasundara said to Nityananda, “Quickly give me your plough and mace.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)