श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  2.5.36 
এই-মত আনন্দে নাচেন দুই নাথ
সে উল্লাস কহিবারে শক্তি আছে কাত
एइ-मत आनन्दे नाचेन दुइ नाथ
से उल्लास कहिबारे शक्ति आछे कात
 
 
अनुवाद
इस प्रकार दोनों भगवान् आनन्द में डूबकर नाचने लगे। उनके आनन्द का वर्णन करने की शक्ति किसमें है?
 
Thus both gods danced in ecstasy. Who can describe their joy?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)