श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.5.23 
ব্যাস-পূজা-অধিবাস-উল্লাস-কীর্তন
দুই প্রভু নাচে, বেডি’ গায ভক্ত-গণ
व्यास-पूजा-अधिवास-उल्लास-कीर्तन
दुइ प्रभु नाचे, वेडि’ गाय भक्त-गण
 
 
अनुवाद
व्यास-पूजा से पहले आनंदपूर्ण अधिवास कीर्तन में, दोनों भगवान नृत्य कर रहे थे और उनके चारों ओर भक्तगण गा रहे थे।
 
In the joyous Adhivasa Kirtana before the Vyasa-Puja, both the Lords were dancing and the devotees were singing around them.
तात्पर्य
व्यसाजी पूजा समारोह की प्रतीक्षा में भक्तगण बहुत उत्साही थे। श्री गौड़ और नित्यानंद, दोनों ही कीर्तन में नाचने लगे। भक्तगण भगवान के चारों ओर जमा हो गए और कीर्तन द्वारा अपने उल्लास को व्यक्त किया।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)