श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.5.19 
সর্ব-গণে চলিলাঠাকুর বিশ্বম্ভর
রাম-কৃষ্ণ বেডি’ যেন গোকুল-কিঙ্কর
सर्व-गणे चलिलाठाकुर विश्वम्भर
राम-कृष्ण वेडि’ येन गोकुल-किङ्कर
 
 
अनुवाद
जब नित्यानंद और विश्वम्भर अपने सहयोगियों के साथ जा रहे थे, तो ऐसा प्रतीत हुआ कि बलराम और कृष्ण गोकुलवासियों से घिरे हुए हैं।
 
When Nityananda and Visvambhara were going with their associates, Balarama and Krishna appeared to be surrounded by the people of Gokula.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)