श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 168
 
 
श्लोक  2.5.168 
যতেক আছিল সেই বাডীর ভিতরে
সবারে ডাকিযা প্রভু দিলা নিজ করে
यतेक आछिल सेइ बाडीर भितरे
सबारे डाकिया प्रभु दिला निज करे
 
 
अनुवाद
भगवान ने घर के अन्दर उपस्थित सभी लोगों को बुलाया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रसाद दिया।
 
The Lord called all the people present inside the house and gave them Prasad individually.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)