श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 167
 
 
श्लोक  2.5.167 
প্রভুর হস্তের দ্রব্য পাই তত-ক্ষণ
আনন্দে ভোজন করে ভাগবত-গণ
प्रभुर हस्तेर द्रव्य पाइ तत-क्षण
आनन्दे भोजन करे भागवत-गण
 
 
अनुवाद
भगवान के हाथों से सेवित होकर सभी श्रेष्ठ भक्तों ने प्रसन्नतापूर्वक उन अवशेषों का सम्मान किया।
 
All the best devotees happily honored those relics after being served by the Lord's hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)