श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 166
 
 
श्लोक  2.5.166 
তত-ক্ষণে আনিলেন সর্ব-উপহার
আপনেই প্রভু হস্তে দিলেন সবার
तत-क्षणे आनिलेन सर्व-उपहार
आपनेइ प्रभु हस्ते दिलेन सबार
 
 
अनुवाद
तब श्रीवास पंडित ने तुरन्त ही सारा भोजन भगवान के समक्ष लाकर रख दिया, और भगवान ने अपने हाथों से उसे परोसा।
 
Then Srivasa Pandita immediately brought all the food and placed it before the Lord, and the Lord served it with his own hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)