श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 155
 
 
श्लोक  2.5.155 
নিত্যানন্দ-গৌরচন্দ্র নাচে এক-ঠাঞি
মহা-মত্ত দুই ভাই, কারো বাহ্য নাই
नित्यानन्द-गौरचन्द्र नाचे एक-ठाञि
महा-मत्त दुइ भाइ, कारो बाह्य नाइ
 
 
अनुवाद
जब नित्यानंद और गौरचन्द्र ने एक साथ नृत्य किया तो दोनों भाई पूरी तरह से नशे में हो गए और स्वयं को भूल गए।
 
When Nityananda and Gaurachandra danced together, both brothers became completely intoxicated and forgot themselves.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)