श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 154
 
 
श्लोक  2.5.154 
পাইযা প্রভুর আজ্ঞা সবে আনন্দিত
চৌদিকে উঠিল কৃষ্ণ-ধ্বনি আচম্বিত
पाइया प्रभुर आज्ञा सबे आनन्दित
चौदिके उठिल कृष्ण-ध्वनि आचम्बित
 
 
अनुवाद
भगवान का आदेश पाकर सभी लोग हर्षित हो गए। अचानक कृष्ण के नामों की ध्वनि चारों दिशाओं में गूंज उठी।
 
Everyone was delighted with the Lord's command. Suddenly, the sound of Krishna's name resounded in all directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)