श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.5.15 
পদ্ধতি-পুস্তক মাত্র মাগিযা আনিব
কালি মহাভাগ্য, ব্যাস-পূজন দেখিব”
पद्धति-पुस्तक मात्र मागिया आनिब
कालि महाभाग्य, व्यास-पूजन देखिब”
 
 
अनुवाद
"मुझे बस एक किताब उधार लेनी है जिसमें सारी विधियाँ समझाई गई हैं। मैं बहुत भाग्यशाली हूँ, क्योंकि कल मैं व्यास-पूजा देखूँगा।"
 
"I just need to borrow a book that explains all the rituals. I'm very lucky, because tomorrow I'll be witnessing the Vyasa puja."
तात्पर्य
व्यास पूजा की प्रक्रिया विभिन्न सन्यास सम्प्रदायों में अलग-अलग है। यह तय किया गया कि श्री नित्यानंद प्रभु घर में पूजा करने की जिस प्रक्रिया के आदी थे, उसी प्रक्रिया का पालन श्रीवासा के घर में भी किया जाएगा।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)