নিত্য-শুদ্ধ জ্ঞানবন্ত বৈষ্ণব-সকল
তবে যে কলহ দেখ, সব কুতূহল
नित्य-शुद्ध ज्ञानवन्त वैष्णव-सकल
तबे ये कलह देख, सब कुतूहल
अनुवाद
वैष्णव नित्य शुद्ध और ज्ञान से परिपूर्ण हैं। उनका झगड़ा करना तो उनकी लीला का ही एक अंग है।
Vaishnavas are eternally pure and full of knowledge. Their quarreling is simply a part of their play.
तात्पर्य
पवित्र वैष्णव सदैव पवित्र ज्ञान से पूर्ण होते हैं। ऐसे उत्कृष्ट वैष्णवों के बीच पाया जाने वाला मतभेद आश्चर्य बढ़ाने के लिये होता है। वास्तव में वैष्णवों के बीच मतभेद नहीं होता है। केवल मानसिक चिन्तकों में मतभेद दिखाई देता है। वैष्णवों के बीच दिखाई देने वाले मतभेदों से उनकी स्वाभाविक गतिविधियों की विविधता बढ़ती है। इसमें भौतिक सुख-लालसा, त्याग या छद्म भक्ति भावना का कोई प्रश्न नहीं होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥