श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 127
 
 
श्लोक  2.5.127 
বিষ্ণু-বৈষ্ণবের তত্ত্ব যে কহে পুরাণে
সেই-মত লিখি আমি পুরাণ-প্রমাণে
विष्णु-वैष्णवेर तत्त्व ये कहे पुराणे
सेइ-मत लिखि आमि पुराण-प्रमाणे
 
 
अनुवाद
मैं पुराणों में दिए गए प्रमाण के अनुसार भगवान विष्णु और वैष्णवों की महिमा लिखता हूँ।
 
I write the glories of Lord Vishnu and Vaishnavas as per the evidence given in the Puranas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)