লক্ষ্মণের স্বভাব যে হেন অনুক্ষণ
সীতা-বল্লভের দাস্য মন-প্রাণ-ধন
लक्ष्मणेर स्वभाव ये हेन अनुक्षण
सीता-वल्लभेर दास्य मन-प्राण-धन
अनुवाद
लक्ष्मण का स्वाभाविक गुण है कि वे सदैव मन, प्राण और धन से सीता के प्रियतम प्रभु की सेवा करते हैं।
It is the natural quality of Lakshman that he always serves Sita's beloved Lord with his mind, life and wealth.
तात्पर्य
जिस प्रकार लक्ष्मण ने माता सीता के प्रिय भगवान राम की सेवा में सनातन अनायास सेवक प्रवृति का प्रदर्शन किया, उसी प्रकार नित्यानंद ने भी भगवान गौरचंद्र की सेवा में अविरल निरंतर प्रयासों का प्रदर्शन किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥