श्री चैतन्यदेव संपूर्ण जगत के लिए सर्वस्व और चौदह लोकों के प्राण हैं। विश्वंभर नाम इस जगत में अत्यंत दुर्लभ है। यह विश्वंभर ही श्री चैतन्य हैं। जिनकी कीर्ति श्री विश्वंभर के प्रियतम सेवक नित्यानंद के चरण कमलों में शरण लेने की है, ऐसे लोग भी दुर्लभ हैं। ऐसा सौभाग्य हर किसी को नहीं मिल पाता। इसीलिए विश्वंभर नाम दुर्लभ है।
