श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  2.4.74 
যে বা গায এই কথা হৈযা তত্পর
সগোষ্ঠীরে তারে বর-দাতা বিশ্বম্ভর
ये वा गाय एइ कथा हैया तत्पर
सगोष्ठीरे तारे वर-दाता विश्वम्भर
 
 
अनुवाद
जो कोई भी इन विषयों का ध्यानपूर्वक जप करता है, वह अपने साथियों के साथ विश्वम्भर द्वारा दिए गए आशीर्वाद को प्राप्त करता है।
 
Whoever chants these topics attentively, along with his companions, receives the blessings given by Vishvambhara.
तात्पर्य
महाप्रभु उन व्यक्तियों को और उनके साथियों को आशीर्वाद देते हैं, जो गौराचंद्र की सेवा करते हैं और नित्यानंद के निर्देशन में उनकी महिमा का गान करते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)