श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  2.4.72 
’রঘুনাথ,’ ’যদুনাথ’—যেন নাম ভেদ
এই-মত ভেদ—ঽনিত্যানন্দ’, ’বলদেব’
’रघुनाथ,’ ’यदुनाथ’—येन नाम भेद
एइ-मत भेद—ऽनित्यानन्द’, ’बलदेव’
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार रघुनाथ और यदुनाथ एक ही व्यक्ति के अलग-अलग नाम हैं, उसी प्रकार मैं जानता हूँ कि नित्यानंद और बलदेव केवल नाम के ही भिन्न हैं।
 
Just as Raghunath and Yadunath are different names of the same person, similarly I know that Nityananda and Baladev are different only in name.
तात्पर्य
जैसे रघु रघुराइ तथा यादव कृष्ण अवतार भेद से भिन्न हैं परन्तु उनके भिन्न-भिन्न लीलाओं के कारण उनके नाम भी भिन्न-भिन्न हैं; उसी भाँति नित्यानन्द तथा गौरसुन्दर अवतार के भेद से बलदेव और कृष्ण से भिन्न है, केवल उनकी लीला के भेद से उनका नाम भेद है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)