আদি-দেব মহাযোগীঈশ্বর বৈষ্ণব
মহিমার অন্ত ইহা না জানযে সব
आदि-देव महायोगीईश्वर वैष्णव
महिमार अन्त इहा ना जानये सब
अनुवाद
यहाँ तक कि सबसे महान वैष्णव और योगी भगवान महादेव भी उनकी महिमा की सीमा नहीं जानते।
Even the greatest Vaishnava and Yogi Lord Mahadev does not know the limits of his glory.
तात्पर्य
यहां तक कि महादेव भी नित्यानंद प्रभु की सेवा की महिमा की सीमा को नहीं समझ पाते। यद्यपि रुद्रदेव स्वयं संयमित हैं और श्रेष्ठ नियंत्रक की श्रेणी में हैं, फिर भी वह गौरा की सेवा सभी मामलों में नित्यानंद की तरह करने में असमर्थ हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥