vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन
»
श्लोक 47
श्लोक
2.4.47
’এই প্রভু অবতীর্ণ’ জানিলেন মর্ম
কর-যোড করি’ বলে হৈ’ বড নম্র
’एइ प्रभु अवतीर्ण’ जानिलेन मर्म
कर-योड करि’ बले है’ बड नम्र
अनुवाद
वह समझ गया, "यह मेरे प्रभु हैं जो अवतरित हुए हैं।" उसने हाथ जोड़े और विनम्रतापूर्वक कहा।
He understood, "It is my Lord who has descended." He folded his hands and said humbly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×