श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  2.4.36 
সকৃত্ এ ভক্তি-যোগ নযনে দেখিলে
তাহারে ও কৃষ্ণ না ছাডেন কোন-কালে
सकृत् ए भक्ति-योग नयने देखिले
ताहारे ओ कृष्ण ना छाडेन कोन-काले
 
 
अनुवाद
“कृष्ण उस व्यक्ति को कभी नहीं त्यागेंगे जो एक बार भी ऐसी भक्ति को प्रत्यक्ष रूप से देख लेता है।
 
“Krishna will never abandon the person who even once witnesses such devotion firsthand.
तात्पर्य
कृष्ण उस भाग्यशाली सेवक को कभी नहीं छोड़ सकते हैं जो नित्यानंद की सेवा के दौरान प्रेम के ऐसे मानसिक और शारीरिक रूपांतरणों को देखता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)