श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  2.4.31 
নিত্যানন্দ দেখিযা সকল ভক্ত-গণ
নিত্যানন্দ-ময হৈল সবাকার মন
नित्यानन्द देखिया सकल भक्त-गण
नित्यानन्द-मय हैल सबाकार मन
 
 
अनुवाद
नित्यानंद को देखते हुए सभी भक्तों के मन शाश्वत आनंद से भर गए।
 
Seeing Nityananda, the hearts of all the devotees were filled with eternal bliss.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)