जब गदाधर ने नित्यानंद को विश्वम्भर की गोद में देखा, तो वे भूमिकाओं के उलटफेर से आश्चर्यचकित हो गए और मन ही मन मुस्कुराये।
When Gadadhara saw Nityananda in Visvambhara's lap, he was surprised by the reversal of roles and smiled to himself.
तात्पर्य
गदाधर ने देखा कि गौरसुंदर ने नित्यानंदा को अपनी गोद में बिठा रखा था। जहाँ नित्यानंद को गौरसुंदर की सेवा करनी चाहिए थी, वहाँ वह गौरसुंदर ने नित्यानंद को अपने गोद में बिठा रखा था। इस तरह से नित्यानंद और गौरसुंदर की भूमिकाएँ उलट गई।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥