vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन
»
श्लोक 25
श्लोक
2.4.25
কি আনন্দ-বিরহ হৈল দুই জনে
পূর্বে যেন শুনিযাছি শ্রী-রাম-লক্ষ্মণে
कि आनन्द-विरह हैल दुइ जने
पूर्वे येन शुनियाछि श्री-राम-लक्ष्मणे
अनुवाद
दोनों के बीच जो खुशी का आदान-प्रदान हुआ वह वैसा ही था जैसा राम और लक्ष्मण के बीच सुना जाता है।
The joyous exchange between the two was similar to that heard between Rama and Lakshmana.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×