श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.4.20 
ধরিতে নারিলা যদি বৈষ্ণব-সকলে
বিশ্বম্ভর লৈলেন আপনার কোলে
धरिते नारिला यदि वैष्णव-सकले
विश्वम्भर लैलेन आपनार कोले
 
 
अनुवाद
जब सभी वैष्णव उन्हें स्थिर रखने में असफल रहे, तो विश्वम्भर ने स्वयं उन्हें अपनी गोद में ले लिया।
 
When all the Vaishnavas failed to keep him steady, Vishvambhara himself took him in his lap.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)