श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.4.10 
আনন্দে মূর্ছিত হৈলা নিত্যানন্দ-রায
“পড, পড” শ্রীবাসেরে গৌরাঙ্গ শিখায
आनन्दे मूर्छित हैला नित्यानन्द-राय
“पड, पड” श्रीवासेरे गौराङ्ग शिखाय
 
 
अनुवाद
जब भगवान नित्यानंद परमानंद में अचेत हो गए, तो गौरांग ने श्रीवास को पाठ जारी रखने का निर्देश दिया।
 
When Lord Nityananda fell unconscious in ecstasy, Gauranga instructed Srivasa to continue the recitation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)