श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.4.1 
নিত্যানন্দ-সম্মুখে রহিলা বিশ্বম্ভর
চিনিলেন নিত্যানন্দ আপন ঈশ্বর
नित्यानन्द-सम्मुखे रहिला विश्वम्भर
चिनिलेन नित्यानन्द आपन ईश्वर
 
 
अनुवाद
जैसे ही विश्वम्भर नित्यानंद के सामने खड़े हुए, नित्यानंद ने अपने पूज्य भगवान को पहचान लिया।
 
As soon as Vishvambhara stood before Nityananda, Nityananda recognized his revered Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)