श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  2.3.96 
নিত্যানন্দ গেলে মাত্র হাডাই পণ্ডিত
ভুমিতে পডিলা বিপ্র হৈযা মূর্ছিত
नित्यानन्द गेले मात्र हाडाइ पण्डित
भुमिते पडिला विप्र हैया मूर्छित
 
 
अनुवाद
जैसे ही नित्यानंद घर से बाहर निकले, ब्राह्मण हाड़ाई पंडित बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
 
As soon as Nityananda came out of the house, the Brahmin Hadai Pandit fell unconscious on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)